UP Vishwakarma Shram Samman Yojana 2026: उत्तर प्रदेश सरकार की “UP Vishwakarma Shram Samman Yojana” पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के जीवन और आजीविका सुधारने के उद्देश्य सुरु की गयी योजना हे। यह योजना 2018 में केंद्र के PM Vishwakarma पहल के अनुरूप राज्य स्तर पर लागु की गयी थी और उन कारीगरों तक प्रशिक्षण, उपकरण और आर्थिक सहायता पहुंचाना है जो परंपरागत शिल्प और सेवाओं जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुडी हई हे।
इस योजना के माध्यम से सरकार आधुनिक उपकरण और आर्थिक सहायता दे रही हे, तो योजना में कैसे लाभ ले सकते हे, पात्रता, आर्थिक सहायता और ऋण सुविधा और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया हुआ है।
UP Vishwakarma Shram Samman Yojana
यूपी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना हे जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाना हे। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी ताकि वर्षों से अपने पारंपरिक व्यवसाय में लगे लोगों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
| Aspect | Details |
|---|---|
| Scheme Name | Uttar Pradesh Vishwakarma Shram Samman Yojana 2026 |
| State | Uttar Pradesh |
| Launched In | Year 2018 |
| Launched By | Government of Uttar Pradesh |
| Main Benefits | ₹10,000 toolkit + 6‑day free residential training |
| Loan Assistance | ₹10,000 to ₹10 lakh (without guarantee) |
| Eligible Trades | Carpenter, Blacksmith, Barber, Tailor, Cobbler, Basket Weaver, Goldsmith, Potter |
| Minimum Age | 18 years |
| Residency | Permanent resident of Uttar Pradesh |
| Application Deadline | 30 June 2026 |
| Official Website | https://www.diupmsme.upsdc.gov.in/ |
भारत में हस्तशिल्प और पारंपरिक कारीगरी की एक समृद्ध विरासत रही हे और कारीगरों और शिल्पकारों रोजगार के लिए सरकार सहायता कर रही हे। कई कारीगर आधुनिक तकनीक और उपकरणों की कमी के कारण प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही थी।
Vishwakarma Shram Samman Scheme Eligibility

यह योजना मुख्य रूप से आठ पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों के लिए हे जिनमे बढ़ई (बढ़ाई), लोहार, नाई (हजामत), दर्जी (दरजी), मोची, बुनकर (टोकरी बनाने वाले), सुनार और कुम्हार भी शामिल हे। इसमें हाल ही में सरकार ने इन व्यवसायों की सूची में 12 नए क्षेत्रों को भी शामिल किया है, जिनमें मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक सामानों की मरम्मत, प्लंबिंग, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर पैनल रिपेयरिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, ब्यूटी एंड वेलनेस, फैशन डिजाइनिंग, सिलाई-कढ़ाई और घरेलू उपकरणों की मरम्मत जैसे आधुनिक व्यवसाय को शामिल किया गया हे।
इस योजना के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाइये और उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसे इन पारंपरिक व्यवसायों को अपने मुख्य या गौण आजीविका के रूप में करना चईये। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है।
ट्रेनिंग और उपकरण सहायता
इस योजना के तहत कारीगरों को 6 दिन का निःशुल्क आवासीय कौशल प्रशिक्षण दिया जाता हे इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भोजन और आवास की सुविधा भी सरकार की ओर से दी जाती हे। प्रशिक्षण आईटीआई या पॉलिटेक्निक संस्थानों में आयोजित किया जाता है, जहां कारीगरों को आधुनिक तकनीक, उपकरणों के उपयोग, गुणवत्ता सुधार और व्यवसाय प्रबंधन के बारे में सिखाया जाता है।
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प्रशिक्षण एक बार जब आप पूरा कर देते हे तो कारीगरों को उनके व्यवसाय से संबंधित आधुनिक तकनीक पर आधारित उन्नत टूलकिट प्रदान की जाती है। यह टूलकिट 10,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये की हो सकती हे यह कारीगरों और शिल्पकारों के उपकरण पर जाता हे। अब तक इस योजना के तहत 1.25 लाख से अधिक कारीगरों को आधुनिक टूलकिट दिए हुए हे।
Financial assistance and loan facilities
टूलकिट और प्रशिक्षण के आलावा भी कारीगरों को 10,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का सहूलियत ऋण भी प्रदान किया जाता है। यह ऋण उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (UPKVIB) के माध्यम से दिया जाता है। इसमें कारीगर इस ऋण का उपयोग अपना छोटा उद्योग स्थापित करने या मौजूदा कारोबार को आगे बढ़ने में मदद मिल सकती हे।
UP Vishwakarma Shram Samman Yojana में आवेदन कैसे करे?
इस विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसमें इच्छुक कारीगर 30 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले उत्तर प्रदेश उद्योग एवं प्रोत्साहन निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट https://www.diupmsme.upsdc.gov.in/ पर जाना होगा।
इसके बाद आप होम पेज पर ‘नया पंजीकरण’ पर क्लिक करें और आवेदन फॉर्म में नाम, जन्म तिथि, पिता का नाम और आधार नंबर जैसी जानकारी डालनी हे। इसके बाद पारंपरिक व्यवसाय (बढ़ई, लोहार, दर्जी, नाई, मोची, बुनकर, सुनार या कुम्हार) को सेलेक्ट करना हे। इसके बाद आप जाति, निवास, आय और बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
इसमें सबमिट करने पर आपको एक आवेदन आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है। एक बार आपका फॉर्म जमा होने के बाद, जिला उद्योग केंद्र द्वारा सभी विवरणों की जांच की जाती है और एक अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया जाता है। इसमें सभी जानकारी सही पाए जाने पर आवेदक को 6 दिन के निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए चुना जाता हे।
पीएम विश्वकर्मा योजना से अंतर
पीएम विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित की जाती है, जबकि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य योजना है। पीएम विश्वकर्मा योजना में 3 लाख रुपये तक का ऋण मिलता है, जबकि इस राज्य योजना में 10 लाख रुपये तक का ऋण मिलता है। पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए सीएससी केंद्रों पर बायोमेट्रिक पंजीकरण कराना पड़ता है, जबकि इस योजना में सीधे ऑनलाइन आवेदन आप कर सकते हे।