Ladli Behna Yojana 38th installment: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए दो बड़ी सरकारी योजनाएं अभी दिनों चर्चा में रही हे। जहा एक तरफ लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना हे। मध्य प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी कर लाखों महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता दे रही हे।
इन 12 जुलाई को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस योजना की 38वीं किस्त जारी करते हुए ₹1,500 रुपये हर महिलाओ मिल चुके हे, जहा इन खर्चो से महिला अपने परिवार में घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और आत्मनिर्भर बन सके।
Ladli Behna Yojana 38th installment
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भिंड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं क़िस्त को लांच कर दिया हे जो लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 1,500 रुपये की राशि को भेज दिया हे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक क्लिक से 1,835 करोड़ रुपये का ऑनलाइन हस्तांतरण किया हे।

मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए रविवार को बड़ी खुशखबरी आयी हे, सीएम मोहन यादव ने भिंड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योजना की 38वीं किस्त जारी करते हुए लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर कर दिए हे।
| Particular | Details |
|---|---|
| Scheme Name | Mukhyamantri Ladli Behna Yojana |
| State | Madhya Pradesh |
| Latest Update | 38th installment released on 12 July 2026 |
| Released By | Chief Minister Dr. Mohan Yadav |
| Financial Assistance | ₹1,500 per eligible beneficiary per month |
| Total Amount Released | Around ₹1,835 crore transferred in the 38th installment |
| Estimated Beneficiaries | More than 1.25 crore women |
| Payment Method | Direct Benefit Transfer (DBT) |
महाराष्ट्र 92 लाख महिलाओं के नाम बेनिफिशियरी लिस्ट से हटा
महाराष्ट्र सरकार (मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना) ने हाल ही में एक बड़े वेरिफिकेशन के दौरान 92 लाख से अधिक लाभार्थियों को योजना से बहार कर दिया हे लाभार्थियों की संख्या 2.43 करोड़ से घटकर अब 1.5 करोड़ रह गई है, जो लगभग 38 प्रतिशत की गिरावट है।
सरकार के अनुसार, ज्यादातर महिलाओं को अनिवार्य e-KYC को पूरा नहीं किया हे इसके कारण उनको हटाया गया हे। वहीं, कुछ महिलाएं योजना की पात्रता मानदंडों को पूरा न करने की वजह से भी बाहर कर दिया हे। सितंबर 2025 से ही इस वेरिफिकेशन की शुरुआत हो गयी थी और अब जाकर 92 लाख लोगो को लिस्ट से हटाए गए हे।
वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान यह भी पता चला कि लगभग 29,000 पुरुष इस योजना का लाभ ले रहे थे, हालांकि यह एक महिलाओ के लिए योजना हे और इसमें पुरुष लाभ ले रहे थे।
CAG ने उठाए सवाल
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने इस योजना की financial management में कई ऐसी खामियां हे जो बताई हुई हे। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने योजना पर ₹33,237.24 करोड़ खर्च किए, जबकि स्वीकृत बजट ₹29,693.09 करोड़ रुपये हे, जिसमे ₹3,541.16 करोड़ का अतिरिक्त खर्च हुआ हे।
also Read: PM Surya Ghar Yojana: Subsidy up to Rs 78,000, free solar to BPL families
CAG ने यह पाया की जनवरी से मार्च 2025 के बीच ₹15,586 करोड़ की राशि वर्चुअल पर्सनल डिपॉजिट अकाउंट (VPDA) में ट्रांसफर कर दी गयी , जबकि इस राशि की तत्काल कोई आवश्यकता नहीं थी। CAG ने इसे ‘बजटीय अनुशासन और वित्तीय नैतिकता के सिद्धांतों के विपरीत’ के तौर पर देखा हे।
CAG ने यह कहा हे की राज्य सरकार बड़ी DBT योजनाओं के लाभार्थियों को अच्छे से जाँच करे और फण्ड को सही तरीके से इस्तेमाल करे।
संजय राउत का बड़ा आरोप
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने इस योजना के अनियमितता पर बड़ा आरोप लगाया हे। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि करीब एक करोड़ अपात्र लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हे जिसमे 30 हजार पुरुष भी शामिल हे, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारी भी हजारों की संख्या में इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और 3,500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा हो रहा है।
संजय राउत ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस पर कोई कदम नहीं उठाती हे तो वे विधिक नोटिस भेजेंगे और अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके आलावा उन्होंने यह मांग की हे की गड़बड़ी का भुगतान सरकार में शामिल लोगों की निजी संपत्तियों को कुर्क करके किया जाना चाहिए।
राउत ने आरोप लगाया कि यह योजना विधानसभा चुनाव से पहले ‘वोट खरीदने’ के लिए लाई गई थी, उन्होंने यह सवाल उठाया की वेरिफिकेशन अभ्यास चुनाव खत्म होने के बाद ही क्यों शुरू किया गया। उनके अनुसार, इन अपात्र लाभार्थियों को लगभग ₹14,000 करोड़ का भुगतान किया जा चुका था।
Also Read: Mahila Samridhi Yojana: दिल्ली की महिलाओं को रक्षा बंधन पर बड़ा तोहफा, 2500 रुपये मासिक सहायता
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेरिफिकेशन और e-KYC के जरिए सिर्फ अयोग्य लाभार्थियों को ही हटाया गया हे। सरकार का कहना है कि योग्य महिलाओं को बिना किसी रुकावट के फायदा आगे भी मिलता रहेगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि e-KYC ड्राइव के बाद लाभार्थियों की संख्या 1.67 से 1.7 करोड़ हो गई है उन्होंने कहा कि सरकार उन लाभार्थियों से रिकवरी नहीं करेगी जिनके भुगतान वेरिफिकेशन के बाद रोक दिए गए हैं। हालांकि, पुरुष लाभार्थियों और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
Conclusion
Ladli Behna Yojana 38वि क़िस्त जारी होने के बाद लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता मिली हे, जहा मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना में सत्यापन प्रक्रिया, लाभार्थियों की सूची में बदलाव और राजनीतिक आरोप भी लगाए गए हे। जहा लाड़ली बहना योजना में महिला जो पात्र थी और लाभ लेते आ रही थी उनको अपने बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किये गए हे।